आज के दौर में लोग अपनी उम्र छिपाने और जवान दिखने के लिए बाज़ार में मिलने वाली महंगी एंटी-एजिंग क्रीम्स और प्रोडक्ट्स पर हज़ारों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी खर्च के, मात्र 5 मिनट के एक विशेष मेडिटेशन से आप अपनी उम्र को 3 से 7 साल तक कम कर सकते हैं?
'Hari Om Smiles' की संस्थापक और प्रसिद्ध गुरु मां, मोनिका सिंघल दीदी का मानना है कि हमारा शरीर सिर्फ मांस और हड्डियों का ढांचा नहीं है, बल्कि ऊर्जा (Energy) का एक रूप है। जब हम (Gratitude यानी आभार व्यक्त करना शुरू करते हैं, तो हमारे तन, मन, धन और संबंध—चारों क्षेत्रों में चमत्कारिक बदलाव आने लगते हैं।
मोनिका बताती हैं कि हमारा शरीर 36 ट्रिलियन (36 लाख करोड़) कोशिकाओं (Cells) से बना एक समुदाय है। हमारे दिमाग में आने वाला हर एक विचार एक 'कमांडर' की तरह होता है, और ये करोड़ों सेल्स उस आदेश का पालन करते हैं।
हम अक्सर अपने शरीर को नजरअंदाज करते हैं। हमें अपने हाथ-पैर की याद तब आती है जब उनमें दर्द होता है। जबकि हकीकत यह है कि हमारा शरीर हमारा सबसे सच्चा साथी है—गर्भ से लेकर कब्र तक (From Womb to Tomb)। अगर हम अपने शरीर के अंगों से बात करना शुरू करें और उनका धन्यवाद करें, तो वे हमारी बात सुनते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप अपनी उंगली को देखकर विश्वास के साथ कहें कि वह लंबी हो रही है, तो आपके सेल्स उस आदेश को मानकर प्रतिक्रिया देते हैं। यह विज्ञान और आध्यात्म का एक अद्भुत मिलन है।
आज मेडिकल साइंस इतनी तरक्की कर चुका है, फिर भी बीमारियाँ कम होने के बजाय बढ़ रही हैं। हर घर में बीपी, शुगर, थायराइड और डिप्रेशन आम बात हो गई है। इसका मुख्य कारण है—विश्वास की कमी और नकारात्मकता।
जब हम कहते हैं कि "दुनिया खराब है" या "जमाना खराब है", तो हमारे शरीर के 36 लाख करोड़ सेल्स उस नकारात्मकता को ग्रहण कर लेते हैं और उसे बीमारी के रूप में हमारे शरीर में प्रकट कर देते हैं। थायराइड जैसी बीमारी अक्सर उन लोगों को होती है जिनके मन में विश्वास (Trust) की कमी होती है। हम अपने अंदर शिकायतों का कचरा जमा करते रहते हैं, जिससे हमारा 'आभामंडल' (Aura) सिकुड़ जाता है और हम बीमारियों का घर बन जाते हैं।
हम अक्सर अपनी परेशानियों के लिए दूसरों को दोषी मानते हैं। मोनिका दीदी कहती हैं कि हमें अपने जीवन से 3 C's को हटाना होगा:
इनकी जगह हमें 3 A’s को अपनाना चाहिए, जो दुनिया की सबसे अच्छी दवा है:
गरीब पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन गरीब मरना हमारी गलती है। यहाँ गरीबी सिर्फ धन की नहीं है; अगर आपका शरीर बीमार है, तो भी आप गरीब हैं। अगर आपके रिश्तों में कड़वाहट है, तो भी आप गरीब हैं।
'Gratitude' करने से हमारे जीवन की ऊर्जा बदल जाती है। जब हम शिकायतों के बजाय आभार व्यक्त करते हैं, तो शिकायतें खुद-ब-खुद हमसे दूर चली जाती हैं। कई लोग अपनी बीमारियों, टूटे रिश्तों और आर्थिक तंगी को सिर्फ इसलिए ठीक कर पाए क्योंकि उन्होंने रोने के बजाय उन परिस्थितियों में भी Gratitude करना सीखा।
उदाहरण के लिए, एक कैमरामैन जिनका अपने बेटे के साथ वर्षों से झगड़ा था, उन्होंने जब अपने 'कार्मिक अकाउंट' (Karmic Account) को साफ किया और माफी मांगी, तो उनके रिश्ते एक ही दिन में सुधर गए। यह सब ऊर्जा का खेल है। जिसे हम चमत्कार कहते हैं, वह असल में विज्ञान और विश्वास का सही संतुलन है।
असली सफलता यह नहीं है कि आपने कितना पैसा कमाया, बल्कि यह है कि आप हर पल को कितना 'सेलिब्रेट' करते हैं। खुशी कोई मंजिल नहीं, एक यात्रा है। लोग अक्सर भविष्य की चिंता में अपना आज खराब कर देते हैं।
मोनिका दीदी कहती हैं, "गरीब पैदा होना अलाउड है, पर गरीब मरना अलाउड नहीं है, क्योंकि हम उस परमात्मा के बच्चे हैं जो पूरे ब्रह्मांड का राजा है।" हमें भिखारी बनकर भगवान से मांगना नहीं चाहिए, बल्कि एक राजकुमार की तरह अधिकार और आभार के साथ जीना चाहिए। जब हम विजुअलाइजेशन (Visualization) और अफर्मेशन (Affirmation) करते हैं, तो हमें पहले अपने मन के बर्तन को साफ करना होगा - गहरी साँसों और Gratitude के ज़रिए।
अंत में, यह समझना ज़रूरी है कि हमारे पास जितनी भी समस्याएं हैं, वे भगवान द्वारा भेजा गया एक 'जिम' है ताकि हम मजबूत बन सकें। चाहे डॉक्टर ने जवाब दे दिया हो या आप आर्थिक रूप से टूट चुके हों—अगर आप अपने 36 लाख करोड़ सेल्स और ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) पर विश्वास करते हैं, तो आप 'वंडर ऑफ द वर्ल्ड' बन सकते हैं।
तो, अपनी उम्र कम करनी हो या जीवन की गुणवत्ता बढ़ानी हो, आज से ही 'Gratitude' शुरू करें। अपनी साँसों को गहरा करें और हर उस चीज़ का धन्यवाद करें जो आपके पास है। याद रखें, चिंता से शक्ति घटती है और 'चिंतन' (मनन) से शकती है।asasas