2005 में तीन लोगों ने एक वीडियो डेटिंग वेबसाइट शुरू की। कोई नहीं आया। ₹20 का इनाम देके भी वीडियो अपलोड नहीं हुई। तब उन्होंने एक डिसीजन लिया - वेबसाइट को हर तरह की वीडियो के लिए ओपन कर दिया। 23 अप्रैल को एक 19 सेकंड की क्लिप अपलोड हुई और आठ महीनों में 2 मिलियन व्यूअर्स आ गए। वो वेबसाइट थी YouTube।
आज AI के दौर में अगर आपके पास आईडिया है तो आप अकेले ही कुछ भी बिल्ड कर सकते हैं।
हर बड़ा बिजनेस एक रियल प्रॉब्लम से शुरू हुआ। Zomato और Swiggy खाना बाहर जाकर लाने की तकलीफ से निकले। Ola और Uber रोज की कम्यूट की परेशानी से। BookMyShow टिकट की लाइन की मुसीबत से। ये सब किसी क्रिएटिव ब्रेनस्टॉर्मिंग से नहीं निकले - बल्कि किसी ने ईमानदारी से देखा कि यह काम इतना मुश्किल क्यों है।
बिजनेस इंस्पिरेशन से नहीं, इरिटेशन से निकलता है।
पहला है वर्ड ऑफ माउथ। चाय की चुस्की पर, कैंटीन में, WhatsApp ग्रुप में लोग जो कहते हैं - "यार इसका कोई सॉल्यूशन होना चाहिए" - वो असली बिजनेस आईडिया है। जो प्रॉब्लम लोग बार-बार बोलते हैं, उसका सॉल्यूशन वो खरीदने के लिए भी तैयार हैं।
दूसरा है Google सर्च। "How to", "Best way to", "Why is this so difficult" - Google ऑटो कंप्लीट करके खुद बता देता है कि लोग क्या ढूंढ रहे हैं।
तीसरा है अर्निंग पोटेंशियल। Amazon बेस्ट सेलर्स, Udemy टॉप कोर्सेज, Shopify ट्रेंड रिपोर्ट्स - जहां लोग पहले से पैसा खर्च कर रहे हैं, वहां प्रॉब्लम रियल है। ChatGPT से पूछो - इस इंडस्ट्री में अनसॉल्व्ड प्रॉब्लम्स कौन सी हैं।
चौथा है सोशल मीडिया के कमेंट्स। YouTube, Instagram, Play Store के रिव्यूज में जहां "but" और "लेकिन" आता है - वहीं फ्यूचर बिजनेस का आईडिया छुपा होता है।
प्रॉब्लम मिली तो चेक करो - क्या यह बार-बार आती है? क्या यह रियल दर्द देती है? क्या आप इसे एक लाइन में बता सकते हो? और क्या लोग इसे सॉल्व करने के लिए पैसे देने को तैयार हैं? अगर हां, तो आगे बढ़ो।
पहले वेबसाइट बनाने में कोडर्स, डिजाइनर्स और लाखों का बजट चाहिए था। आज Hostinger जैसे प्लेटफॉर्म पर AI को बस बताओ कि किस तरह की साइट चाहिए - मिनटों में पूरी वेबसाइट रेडी हो जाती है। मेन्यू, गैलरी, रिजर्वेशन फॉर्म, ब्लॉग - सब कुछ। बाकी बस कस्टमाइज करना है।
एग्रीगेटर मॉडल में आप सर्विस देने वालों और लेने वालों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ दो। ड्राइवर एग्रीगेटर, वेडिंग फोटोग्राफर एग्रीगेटर, फ्रीलांसर प्लेटफॉर्म - कमीशन और प्रीमियम लिस्टिंग आपकी कमाई है।
सब्सक्रिप्शन मॉडल में हर महीने रेकरिंग इनकम। एड्स मॉडल में अच्छी जानकारी वाली साइट बनाओ, Google AdSense से कमाई होगी। वन टाइम पेमेंट में ई-बुक्स, टेंपलेट्स, कोर्सेज - एक बार बनाओ, 24 घंटे बिकता रहे।
एफिलिएट मॉडल में आप किसी की चीज रिकमेंड करो - खरीदारी हुई तो कमीशन आपका। और लीड जनरेशन में डॉक्टर्स, लॉयर्स, रियल एस्टेट कंपनियों को सही क्लाइंट दो - बड़ा पैसा है यहां।
अपने शहर में देखो - कितने डॉक्टर्स, स्वीट शॉप्स, ब्यूटी सैलोन, वकीलों के पास वेबसाइट नहीं है। आपने AI से वेबसाइट बनानी सीख ली तो उनके लिए बनाओ। यही एक बड़ा बिजनेस है।
CCCC फ्रेमवर्क याद करो। Conflict - लोगों की प्रॉब्लम दिखाओ, वो रुकेंगे। Curiosity - बताओ कि सॉल्यूशन आ रहा है। Clarity - पूरी तरह समझाओ। Conversion - साइट पर भेजो, डीएम करने को बोलो।
कंसिस्टेंसी बोरिंग लगती है - पर सक्सेस को वही पसंद है। प्रोसेस से प्यार करो, रिजल्ट आ जाएगा।