आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में AI (Artificial Intelligence) सिर्फ एक buzzword नहीं रह गया। यह हमारी नौकरियों, बिज़नेस और सीखने के तरीकों को जड़ से बदल रहा है। ग्रोथ स्कूल के फाउंडर वैभव सिसिंटी, जो अपने हर बिज़नेस में AI को पूरी तरह इंटीग्रेट कर चुके हैं, का मानना है कि अगर आप अभी नहीं जागे तो बहुत देर हो जाएगी।
सबसे पहले बात करते हैं उस डरावनी सच्चाई की। भारत में हर साल लगभग 15 लाख बच्चे इंजीनियरिंग करते हैं, जिनमें से पहले 10% को नौकरी मिलती थी। अब यह दर गिरकर 6% पर आ गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह है IT सेक्टर में आया बदलाव।
पहले अमेरिका और यूरोप की बड़ी कंपनियां कोड लिखवाने के लिए भारत को आउटसोर्स करती थीं, क्योंकि यहां सस्ते दाम पर अच्छे इंजीनियर मिलते थे। लेकिन अब Cursor, Windsurf, Lovable और Bolt जैसे AI agents एक mid-level इंजीनियर से 100 गुना तेज़ और बेहतर कोड लिख सकते हैं। Anthropic के CEO का कहना है कि इस साल के अंत तक 90% कोड AI लिखेगा। Mark Zuckerberg ने भी कह दिया है कि Meta में mid-level इंजीनियरों की ज़रूरत कुछ वर्षों में खत्म हो जाएगी।
इसका मतलब यह नहीं कि सभी नौकरियां जाएंगी, लेकिन जो लोग repetitive और templated काम कर रहे हैं, उनका भविष्य खतरे में है। Original thinkers और AI generalists की मांग बढ़ेगी।
वैभव के अनुसार, भविष्य में specialist का ज़माना खत्म हो रहा है। अब ज़रूरत है AI Generalist की, यानी ऐसे इंसान की जो AI की मदद से किसी भी समस्या को हल कर सके, चाहे वो marketing हो, product हो, या coding। आज 80% roles specialist के हैं और 20% generalist के। जल्द ही यह पलट जाएगा।
अगर आप आज एकदम शुरुआत से हैं और AI में कुछ नहीं जानते, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। वैभव ने एक 5-स्टेप रोडमैप बताया है।
पहला है Automation Agency, जहां आप medium और small businesses को AI automation solutions दें। दूसरा है Vibe Coding Studio, जहां आप बिना code के लोगों के लिए personalized AI software बनाएं और 2-3 लाख रुपये तक कमाएं। तीसरा है Service as a Software, जहां AI voice agents की मदद से customer support जैसी services offer करें।
वैभव खुद अपनी 40 लोगों की pre-sales team को AI agent से replace कर चुके हैं। उनका Jerry नाम का voice AI agent leads को 10 मिनट में call करता है, जबकि पहले 45 मिनट लगते थे।
भविष्य में programming language English होगी, यानी prompting। जो लोग आज AI को embrace करेंगे, वो कल की दुनिया में राज करेंगे। डरने की नहीं, सीखने की ज़रूरत है। रोज़ एक घंटा AI के साथ बिताइए, explore कीजिए और आगे बढ़िए। जो आज बदलाव को स्वीकार करेगा, कल वही जीतेगा।